रोजगार प्राप्त करना वर्तमान समय में सबके लिए अनिवार्य हो गया है। और जिसके पास रोजगार नही है समाज में उसकी वेल्यू कुछ भी नहीं है । बेरोजगार युवकों को फालतू ओर निट्ठल्ला ही समझा जाता है । अगर हम भारत देश की बात करे तो यहाँ पर बेरोजगारों की भीड़ लगी हुई है । एक गांव में औसत 100 में से 50 व्यक्ति ही रोजगार वाले पर निर्भर होंगे । बाकी सभी परिवार के अन्य सदस्यों पर ही निर्भर होते है । गाँवों में तो ज्यादातर छुपि हुई बेरोजगारी भी देखने को मिलती है 3 व्यक्तियो का काम हो उसमे भी 6 व्यक्ति उलझे रहते है । अब समस्या यह है कि सरकार रोजगार किस किस को दे क्योंकि जनसंख्या तो सातवे आसमान पर पहुँच गई है । कोरोना वायरस ने बेरोजगारी ओर बड़ा दी है ।
गरीबी भी बेरोजगारी दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू है ।जब तक रोजगार नही मिलेगा बेरोजगारी भी नही मिटेगी इसलिए रोजगार मिलना बहुत ही जरूरी है। वर्तमान में बेरोजगारी दूर करने के लिए बहुत सारी संस्थाओं का अहम रोल है जो रोजगार देने में सफल है । इसके साथ ही कुछ लोग भी है जो लोगों को रोजगार देकर इस समस्या से निजात दिला रहे है और साथ ही कुछ NGO भी है जो रोजगार देने का कार्य कर रहे हैं और सरकार भी इन कामो में पीछे नहीं है वो भी हरसंभव लोगो की मदद कर रही है और सभी क्षेत्रों में सबको नोकरी देने का प्रयास कर रही हैं ।
फिर भी बेरोजगारों की भीड़ जमा है जहां देखो वहा लोग धरना प्रदर्शन करते नजर आ रहे है । 1 व्यक्ति की जगह पर 100 व्यक्ति पहुंच जाते है लेकिन रोजगार तो एक को ही मिलता है ।
बेरोजगारों का समाधान वैसे तो रोजगार ही है पर रोजगार मिले कहा से क्या सभी को रोजगार प्रदान किया जा सकता है । जी हाँ अगर आप परमात्मा की शास्त्रानुकूल साधना करते है तो वे आपको सर्व सुख देंगे । ।जो आपके प्रारब्ध में नही होगा वह भी देंगे । आपकी सभी भयंकर बीमारियों का भी नाश करेंगे और सुखी करेंगे साथी आपको आर्थिक रूप से मजबूत भी करेंगे उसके लिए आप पूर्ण सन्त की खोज करे ओर उनके बताए मार्ग पर चले तो आपको सब कुछ मिलेगा । और अभी वर्तमान में सन्त रामपाल जी ही ऐसे सन्त है जो सभी दुखो का नाश करके सुखी कर सकते हैं फिर चाहे शारिरिक हो या आर्थिक । और ऐसे अनेक उदाहरण है जो सन्त रामपाल जी से नाम दीक्षा लेकर सुखी हुए और रोजगार भी मिला। वैसे तो वर्तमान में लोग धन इक्क्ठा करने में जुटे है लेकिन जब ज्ञान हो जाएगा तब राम नाम रूपी धन को ही इक्क्ठा करेंगे । इस माया रूपी धन को तो यही छोड़कर जाना है भगवान के यहाँ सिर्फ पूण्य ही जायेंगे ।



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