कन्या भ्रूण हत्या
कन्या भ्रूण हत्या एक बहुत ही भयंकर सामाजिक बुराई है । क्योंकि ये हर समाज मे फेली हुई है । प्राचीन समय से ही लोग कन्या भ्रूण हत्या करते आ रहे हैं इसके पीछे का जो मूल उद्देश्य है वह है पुत्र प्राप्ति। अगर किसी के 2या 3 लडकिया हो जाती है तो वह परेशान हो जाता है और गर्भ में लड़की को मार देता है । या फिर हॉस्पिटल जाकर डॉक्टर को रुपये देकर भ्रूण की जांच करवा के मरवा देता है । या फिर औरत को गोली खिलाकर भी कन्या भ्रूण हत्या कर देते है । वर्तमान समाज इतना गिर गया कि पुत्र प्राप्ति के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाता है। अगर कन्या भ्रूण हत्या समाप्त नहीं किया गया तो समाज तबाह हो जाएगा
वर्तमान में सरकार द्वारा कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगा दी है।अगर कोई ऐसा करता हुआ पाया गया तो उसको सजा दी जाती है और सभी डॉक्टर को भी आदेश जारी कर दिया कि कोई भी इस कार्य में सम्मिलित न हो वरना जेल की सजा काटने को तैयार हो जाये । बहुत सारी संस्थायें भी इस कार्य को सफल अंजाम दे रही हैं। सभी समाजो में बहुत सारे लोगो को भी इस कार्य के लिए नियुक्त किया गया है जो इस सामाजिक कुरीति को समाप्त करने में सहयोग दे रहे है । सरकार ने बहुत सारे ऐसे प्रोग्राम भी चला रखे है जो कन्या भ्रूण हत्या को रोककर समाज को जाग्रत कर रहे हैं। ओर वर्तमान में सभी लोग सुधार का ही प्रयास कर रहे हैं।
ऊपर वर्णित सभी बातों के बावजूद इस समस्या से जूझना पड़ रहा है क्योंकि समाज तो शिक्षित हो गया लेकिन उसकी विचारधारा नही बदली अब भी उसकी यही सोंच है कि पुत्र के बिना वंश नही चलेगा जबकि पुत्र और पुत्री दोनो समान है । इस प्रकार की विचारधारा लेकर आये हैं सन्त रामपाल जी महाराज ।। जी हाँ सन्त रामपाल जी महाराज के प्रयासों से समाज में व्याप्त कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त किया जा रहा है उनका ज्ञान ही इतना निर्मल है कि एक बार सुन लिया तो सारी कुरीतियों को छोड़ देते हैं । सन्त जी कहते है कि बेटे बेटी दोनो समान है और दोनों को बराबर शिक्षा दे । शादी बिल्कुल सिंपल दहेज रहित हो तो दोनों परिवार भार रहित होंगे और खुश भी । तभी कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त किया जा सकता है। फिर लड़की होने पर भी उतनी ही खुशी होगी जितनी लड़का होने पर होती है ।



Comments
Post a Comment
तत्वज्ञान के लिए हमसे जुड़े